A practical guide for developers who need to ship files, landing pages, or downloadable content from a live Blazor app — without a redeploy every time a file changes.
**Land Laws — MPLRC & MP Accommodation Act**
**Q.1.** राजस्व बोर्ड की शक्तियों की व्याख्या करें। *(Explain the powers of the Board of Revenue.)*
**Q.2.** जलोढ़ और जलोढ़ भूमि (Alluvion and Diluvion) क्या है? दोनों में अंतर बताइए।
**Q.3.** पुनरीक्षण (Revision) क्या है? अपील और पुनरीक्षण में अंतर बताएं।
**Q.4.** निस्तार पत्रक को परिभाषित करें; निस्तार पत्रक और वाजिब-उल-अर्ज़ में कौन से बिंदु पूरे किए जाने चाहिए?
**Q.5.** गाँवों के बीच सीमाओं से संबंधित विवादों का समाधान कैसे किया जाता है? गलत तरीके से कब्ज़ा करने वाले लोगों को बेदखल करना।
**Q.6.** राजस्व अधिकारी, उनके वर्ग और शक्तियाँ क्या हैं?
**Q.7.** कब किसी किरायेदार के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया जाता है और मकान मालिक को उप-किरायेदारी की सूचना होती है?
**Q.8.** हीरा ट्रेडर्स बनाम कमला जैन, AIR 2022 SC 182 में निर्धारित तथ्यों, मुद्दों और कानून के सिद्धांतों को बताएं।
**Q.1.** "स्वयं किसी कृत्य से दोष की उत्पत्ति नहीं होती, बल्कि कृत्य के साथ दोषी चित्त का होना भी आवश्यक है" इस सूक्ति के परिप्रेक्ष्य में मानसिक तत्वों की समीक्षा कीजिए।
*(Explain the mental elements of torts with reference to the maxim "Actus non facit reum nisi mens sit rea".)*
**Q.2.** "अपवचन" कब स्वतः वाद-योग्य होते हैं?
*(When is slander actionable per se?)*
**Q.3.** निम्न चार की समीक्षा कीजिए — (1) विद्वेषपूर्ण अभियोजन (Malicious Prosecution) (2) मिथ्या बंदीकरण (False Imprisonment) (3) हमला (Assault) (4) प्रहार (Battery)
**Q.4.** उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
*(Describe the salient features of the Consumer Protection Act, 2019.)*
**Q.5.** रायलैंड्स विरुद्ध फ्लेचर, LR 1 Ex. 456 के वाद के तथ्यों एवं सिद्धांतों की विवेचना कीजिए।
*(Discuss the facts and principles of law laid down in the case of Rylands v. Fletcher, LR 1 Ex. 456.)*
What is API versioning, really?
API versioning is a contract-management strategy: a way to change your API's shape — fields, behavior, response format — without breaking clients who haven't updated yet.
The moment your API has more than one consumer you don't fully control — a mobile app sitting in app-store review, a partner integration, a frontend deployed separately from the backend — you can no longer just "change the API." You need a way to run two shapes of the contract simultaneously, so existing clients keep working while new clients get the updated behavior.
प्रश्न BNS 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धाराओं पर आधारित हैं, पुरानी IPC 1860 पर नहीं। इसलिए हर उत्तर में BNS धारा संख्या का प्रयोग किया गया है (साथ में पुरानी IPC धारा भी कोष्ठक में, ताकि आप दोनों को जोड़कर समझ सकें)। Leading case हर जगह सबसे relevant बिंदु पर रखा गया है। कठिन शब्दों के आगे English कोष्ठक में है।
भारतीय संविधान का **भाग XI, अध्याय I (Art. 245–255)** संघ (Union) और राज्यों (States) के बीच **विधायी शक्तियों (legislative powers)** का बँटवारा करता है। यह वितरण दो आधारों पर होता है — **क्षेत्रीय (territorial)** और **विषयगत (subject-matter)**।
LL.B. Semester-II — प्रश्नोत्तर (Model Answers)
> Note (टिप्पणी): हर उत्तर में महत्वपूर्ण **Leading Cases** को उसी बिंदु पर रखा गया है जहाँ वे सबसे ज़्यादा marks दिलाते हैं (definition के बाद, या rights/liability वाले भाग में) — पूरी list के अंत में नहीं। कठिन हिंदी शब्दों के आगे अंग्रेज़ी (English) शब्द कोष्ठक में दिया गया है।
The "certificate ज़्यादा, नौकरी कम" claim is directly supported by government's own admission — placement tracking itself has been discontinued in the current phase, and even historical placement rates ranged widely from ~6% to ~43% depending on how they're measured.
भारतीय दण्ड संहिता, 1860 को प्रतिस्थापित कर **भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023** दिनांक 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुई। परीक्षा हेतु ध्यातव्य है कि 2025 से इस प्रश्न-पत्र के उत्तर पुरानी IPC धाराओं से नहीं, अपितु BNS की नई धाराओं से लिखे जाने चाहिए। शरीर के विरुद्ध अपराधों (मानव वध, हत्या, उपहति, व्यपहरण) से लेकर संपत्ति के विरुद्ध अपराधों (चोरी से डकैती तक की क्रमिक शृंखला) और अंततः प्रतिष्ठा के विरुद्ध अपराध (मानहानि) तक का क्रमबद्ध, केस-आधारित अध्ययन प्रस्तुत है।
**Assignment शीर्षक:** राजस्व प्रशासन का पदसोपान, भूमिस्वामी के अधिकार, नामांतरण एवं किरायेदार की बेदखली — एक विश्लेषणात्मक अध्ययन मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 ने राज्य में प्रचलित जमींदारी-मालगुजारी की भिन्न-भिन्न काश्त-व्यवस्थाओं को समाप्त कर एक एकीकृत भू-प्रशासन ढाँचा स्थापित किया। इसकी आधारशिला है धारा 57 का सिद्धांत —