अपकृत्य विधि (Tort Law) एवं उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 उपेक्षा, कठोर एवं आत्यंतिक दायित्व, प्रतिनिहित दायित्व तथा उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग — निर्णीत वादों सहित
**Q.1.** "स्वयं किसी कृत्य से दोष की उत्पत्ति नहीं होती, बल्कि कृत्य के साथ दोषी चित्त का होना भी आवश्यक है" इस सूक्ति के परिप्रेक्ष्य में मानसिक तत्वों की समीक्षा कीजिए।
*(Explain the mental elements of torts with reference to the maxim "Actus non facit reum nisi mens sit rea".)*
**Q.2.** "अपवचन" कब स्वतः वाद-योग्य होते हैं?
*(When is slander actionable per se?)*
**Q.3.** निम्न चार की समीक्षा कीजिए — (1) विद्वेषपूर्ण अभियोजन (Malicious Prosecution) (2) मिथ्या बंदीकरण (False Imprisonment) (3) हमला (Assault) (4) प्रहार (Battery)
**Q.4.** उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
*(Describe the salient features of the Consumer Protection Act, 2019.)*
**Q.5.** रायलैंड्स विरुद्ध फ्लेचर, LR 1 Ex. 456 के वाद के तथ्यों एवं सिद्धांतों की विवेचना कीजिए।
*(Discuss the facts and principles of law laid down in the case of Rylands v. Fletcher, LR 1 Ex. 456.)*